लगभग हर वर्ष एक वार्षिक अधिवेशन (स्थापना दिवस) होता है। इसका विषय वस्तु पूर्णतः सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा रहता है। इसके कुछ विषय निम्नांकित रहे हैं:-
यह वार्षिक अधिवेशन वाद-विवाद प्रतियोगिता कनीय एवं वरीय छात्रों के बीच विभिन्न विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता के रूप में होने लगी। चूँकि संप्रति यह प्रतियोगिता संवाद नाम से, परस्पर संवाद के रूप में आयोजित किया जाता है। इसके विषय निम्नांकित हैं:-
तलाश के कथानकों पर विस्तृत चर्चा:-
एस० एन० गुहा, मजहर हुसैन, मृदुला मिश्रा, राजेन्द्र, बसंत चौधरी।
तलाश की गोष्ठी पूरे बिहार में विभिन्न जगहों पर होती रही है। जैसे- शाहपुर पटोरी (यहाँ के लोगों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहाँ कई बार सभाएं आयोजित की गई है। श्री राजकुमार मिश्रा, श्री वशिष्ठ नारायण इत्यादि ने इसका संचालन किया था।) दरभंगा, बिहारशरीफ, बेलदार विघा (राजगीर), नालंदा, बेगुसराय, इस्लामपुर, नवादा में किशोरी, छपरा में बबलू राय ने आयोजित किया था।
इस आन्दोलन से निम्नांकित विशिष्ट व्यक्ति संजीव छपरिया, आर० आर० वर्मा, श्री सिद्धि बाबू (वरिष्ठतम अधिवक्ता पटना उच्च न्यायालय), भारतीय प्रशासनिक सेवा के श्री विजय प्रकाश, श्री सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह (अध्यक्ष संस्कृत बोर्ड), मृदुला प्रकाश, श्री अजित सिन्हा, रविन्द्र जी, कर्नल के० एम० पी० सिंह, डा० अविनाश, प्रो० डा० श्याम कृष्णा, शिवाजी कुमार, आर० एन० राव, एडवोकेट बसंत कुमार सिन्हा, कन्हैया लाल भाष्कर (एडवोकेट सासाराम), अमरेन्द्र मिश्रा (HOD Statistics P.U), श्री बच्चन लाल (GAIL India), विश्वनाथ वर्मा, आर० के० साह, प्रो० सीताराम, शोभा देवी, सुमन लाल, अर्चना, मधु श्रीवास्तव, कर्नल एस० एस० राय।
स्व० श्यामकृष्ण का अत्यंत सहयोग रहा है।
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