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एच-3, डॉक्टर्स कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना-20

लगभग हर वर्ष एक वार्षिक अधिवेशन (स्थापना दिवस) होता है। इसका विषय वस्तु पूर्णतः सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा रहता है। इसके कुछ विषय निम्नांकित रहे हैं:-

  1. तलाश क्या और क्यों (12-03-2006)
    इसमें मुख्य अतिथि सुलभ शौचालय के फाउंडर श्री विन्देश्वर पाठक थे। इन्होंने तालाश के कार्य के लिए 5 लाख रु० अनुदान देने की घोषणा की थी परंतु अपने नीति के तहत तालाश ने सविनय मना कर दिया था।
  2. लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं चुनाव सुधार
    इसमें मुख्य अतिथि हैदराबाद के विख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता मजहर हुसैन साहब थे।
  3. शिक्षा: उद्देश्य
    इसमें मुख्य अतिथि प्रो० अमरेन्द्र मिश्रा एवं विजय प्रकाश थे।
  4. गलत को गलत कहें
    इसमें मुख्य अतिथि श्री प्रभात रंजन (कार्यकारी अध्यक्ष Tyfac) थे।
  5. संवेदनशील एवं उत्तरदायी मीडिया : सकारात्मक पत्रकारिता
    इसमें देश के नामचीन अखबारों के संपादकों ने भाग लिया।
  6. ग्राम सभा
    इसमें मुख्य अतिथि हैदराबाद के विख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता मजहर हुसैन साहब थे।
  7. भारतीय न्याय पद्धति
    इसमें सर्वोच्च न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय के वरीय न्यायाधीश एवं कई वरीयतम अधिवक्ताओं ने भाग लिया।
  8. भारतीय उद्योग नीति
  9. सामाजिक संतुलन: बेटा भी बचाना जरूरी है
    इसमें मुख्य अतिथि सीता साहू (महापौर पटना) थी।
  10. तलाश की प्रसंगिकता (तलाश का-- उतरोत्तर मजबूती, प्रभावकारी, संसाधन, सक्रिय समूह)
    इसका आयोजन कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, पटना में हुआ था। इस कार्यक्रम में चक्रपाणि रेजिडेंशियल स्कूल, B.D Public स्कूल और New Era High School इत्यादि के बच्चों ने भाग लिया था।

यह वार्षिक अधिवेशन वाद-विवाद प्रतियोगिता कनीय एवं वरीय छात्रों के बीच विभिन्न विषयों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता के रूप में होने लगी। चूँकि संप्रति यह प्रतियोगिता संवाद नाम से, परस्पर संवाद के रूप में आयोजित किया जाता है। इसके विषय निम्नांकित हैं:-

  1. सोशल मीडिया बच्चों के लिए हानिकारक है।
  2. शराबबंदी
  3. दलविहीन लोकतंत्र की स्थापना

तलाश के कथानकों पर विस्तृत चर्चा:-
एस० एन० गुहा, मजहर हुसैन, मृदुला मिश्रा, राजेन्द्र, बसंत चौधरी।

तलाश की गोष्ठी पूरे बिहार में विभिन्न जगहों पर होती रही है। जैसे- शाहपुर पटोरी (यहाँ के लोगों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यहाँ कई बार सभाएं आयोजित की गई है। श्री राजकुमार मिश्रा, श्री वशिष्ठ नारायण इत्यादि ने इसका संचालन किया था।) दरभंगा, बिहारशरीफ, बेलदार विघा (राजगीर), नालंदा, बेगुसराय, इस्लामपुर, नवादा में किशोरी, छपरा में बबलू राय ने आयोजित किया था।

  • तलाश का एक चुनावी घोषणा पत्र भी तैयार किया गया है जिसमें दलविहीन प्रजातंत्र की रूपरेखा, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण का प्रारूप, त्वरित विकास के उपाय पर लेख है।
  • विभिन्न विद्यालयों में तलाश ने सुलेख प्रतियोगिता कराया, जिसमें तलाश के कथानकों के प्रति चेतना बढ़ाई गई। विभिन्न अवसरों पर सम्मान एवं पुरस्कार वितरण भी किया जाता रहा है। इस आयोजन में B.D Public स्कूल एवं कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स का खास योगदान रहा है।

इस आन्दोलन से निम्नांकित विशिष्ट व्यक्ति संजीव छपरिया, आर० आर० वर्मा, श्री सिद्धि बाबू (वरिष्ठतम अधिवक्ता पटना उच्च न्यायालय), भारतीय प्रशासनिक सेवा के श्री विजय प्रकाश, श्री सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह (अध्यक्ष संस्कृत बोर्ड), मृदुला प्रकाश, श्री अजित सिन्हा, रविन्द्र जी, कर्नल के० एम० पी० सिंह, डा० अविनाश, प्रो० डा० श्याम कृष्णा, शिवाजी कुमार, आर० एन० राव, एडवोकेट बसंत कुमार सिन्हा, कन्हैया लाल भाष्कर (एडवोकेट सासाराम), अमरेन्द्र मिश्रा (HOD Statistics P.U), श्री बच्चन लाल (GAIL India), विश्वनाथ वर्मा, आर० के० साह, प्रो० सीताराम, शोभा देवी, सुमन लाल, अर्चना, मधु श्रीवास्तव, कर्नल एस० एस० राय।

स्व० श्यामकृष्ण का अत्यंत सहयोग रहा है।

तलाश के प्रमुख कार्यक्रम
  1. गांधी मैदान में सफाई एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम
  2. भारत सरकार नहीं 'भारत के लोग' का प्रयोग हो
  3. दलविहीन प्रजातंत्र
  4. हर भारतीय युवा के लिये अनिवार्य सैन्य सेवा
  5. हर स्तर पर सामूहिक निर्णय प्रणाली
  6. न्यायालय एवं न्यायाधीशों के लिए संहिता निर्माण हो
  7. विश्व स्तरीय विषय पर बातचीत
    1. WTO V/S राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय दबंगई
    2. Human Rights V/S राष्ट्रीय संप्रभुता
    3. UNO इसका veto पावर
  8. Common civil code, भाषावाद, आरक्षण, आतंकवाद
  9. भारत एक अविभाज्य राष्ट्र V/S फेडरल व्यवस्था
  10. व्यापक रूप से समाज को प्रभावित करने वाले कानून, 498A, CAA
  11. जनसंख्या विस्फोट एवं धार्मिक पूर्वाग्रह
  12. महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार एवं नशा
  13. जागरूकता रैलियों का कार्यक्रम किया गया है
  14. छपरिया जी द्वारा गलत को गलत कहते हुए समस्या का निदान पर लगातार पत्र लेखन
  15. यातायात व्यवस्था में स्वचालित कैमरों का उपयोग
  16. वार्ड काउंसलर से संवाद
  17. असहिष्णुता इत्यादि

गतिविधियाँ

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